पतंजलि गिलोय जूस के 9 फायदे और नुकसान | Patanjali Giloy Juice in Hindi

पतंजलि गिलोय स्वरस के लाभ (Patanjali Giloy Juice in Hindi) पतंजलि गिलोय जूस के फायदे और नुकसान, उपयोग, सेवन विधि (Patanjali Giloy Juice Benefits, Side Effects, Uses in Hindi)

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पतंजलि गिलोय रस के नुकसान – Patanjali Giloy Juice Side Effects

आज कितने ही लोग होंगे जिन्होंने गिलोय के बारे में ना सुना हो। गिलोय से हम लोग कई फायदे उठाते हैं यह हमारे लिए कई रोगों को ठीक करने के काम आता है।

गिलोय से आजकल बहुत दवाई बनने लगी है जो कई बीमारियों को ठीक कर रही है। तथा गिलोय का रस जिसे हम गिलोय जूस कहते हैं वह भी हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होता है।

गिलोय जूस पीने से त्वचा रोग, लीवर, पीलिया आदि कई चीजों में लाभ होता है। आज हम पतंजलि द्वारा द्वारा बनाए गए गिलोय जूस के बारे में जानेंगे।

आइए जानते हैं पतंजलि गिलोय जूस के फायदे और नुकसान के बारे में –

पोस्ट को पूरा पढ़े, इससे आपको उन बातों के बारें में भी पता चलेगा जो जरुरी हैं.

पतंजलि गिलोय जूस क्या है (Patanjlai Giloy Juice in Hindi)

पतंजलि गिलोय जूस को गिलोय की बेल के पत्तों से तथा इसके तने से एक्सट्रैक्ट करके बनाया जाता है।

सभी के लिए गिलोय से रस निकालना इतना आसान नहीं होता इसलिए पतंजलि गिलोय जूस एक बहुत अच्छा विकल्प है।

गिलोय जूस को पूरी तरीके से शुद्ध प्रक्रिया से निकाला जाता है। जिस कारण यह कई सालों तक अपने शुद्ध रूप में बना रहता है तथा हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद साबित होता है।

गिलोय क्या होता है? (Giloy)

गिलोय जूस या गिलोय स्वरस के बारे में जाने से पहले यह जानना आवश्यक है कि आखिर यह गिलोय होता क्या है।

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गिलोय एक तरह की बेल होती है जिसके पत्ते, पान के पत्तों की तरह दिखाई देते हैं। यह बिल्कुल हरे रंग की बेल होती है तथा इसके पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं।

गिलोय का उपयोग सदियों से प्राचीन भारत में किया जा रहा है जिस कारण आज भी हम इसके फायदों से अवगत है।

पतंजलि गिलोय जूस की सामग्री (Patanjali Giloy Juice Ingredients)

गिलोय जूस या स्वरस को बनाने के लिए पुरे तरीके से गिलोय का उपयोग किया गया है।

लेकिन इसके स्वाद को पीने लायक करने के लिए तथा इसकी आयु बढ़ाने के लिए सिट्रिक एसिड सोडियम बेंजोएट तथा पोटैशियम सॉर्बेट का उपयोग किया गया है।

पतंजलि गिलोय जूस के फायदे (Patanjali Giloy Juice Benefits in Hindi)

यदि हम गिलोय का नियमित तौर पर सेवन करते हैं तो यह हमारी त्वचा के लिए भी बहुत लाभदायक होता है। त्वचा के साथ-साथ यह हमारे शरीर के अंदरूनी विकारों को भी दूर करता है।

आइए डालते हैं एक नजर पतंजलि गिलोय जूस के फायदे पर –

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1. आंखों के रोग में गिलोय जूस के फायदे

आजकल कई कारणों की वजह से आंखों से संबंधित रोग बहुत होने लगे हैं। तथा कम ही उम्र में लोगों की आंखों की रोशनी भी कमजोर होने लगी है।

यदि आप आंखों की रोशनी की कमजोरी या नैनो से संबंधित कोई और विकार का सामना कर रहे हैं तो गिलोय स्वरस आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

गिलोय में ऐसे गुणों की भरमार होती है जो आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए जरूरी होते हैं।

आंखों के रोगों को दूर करने के लिए शहद में सेंधा नमक के साथ मिलाकर भी पतंजलि गिलोय जूस का उपयोग किया जा सकता है।

2. गाउट में पतंजलि गिलोय रस के फायदे

गाउट की समस्या में भी पतंजलि गिलोय स्वरस के लाभ होते देखे गए हैं।

यह समस्या हमारे शरीर में तब उत्पन्न होती है जब हमारी बॉडी में यूरिक एसिड अधिक मात्रा में बढ़ जाता है।

गाउट रोग का सबसे ज्यादा असर हमारे पैरों पर अधिक दिखाई देता है, यह बीमारी पैर के अंगूठे को अधिक प्रभावित करता है।

इस रोग से जूझ रहे व्यक्ति के पैर के जोड़ों में सूजन के साथ जोड़ों में दर्द की शिकायत होती है।

गाउट में पैर के अंगूठे में तीव्र दर्द महसूस हो सकता है तथा यह दर्द अधिकतर रात के समय में होता है।

पतंजलि गिलोय जूस का उपयोग हमारे शरीर में यूरिक एसिड निकालने में बहुत उपयोगी होता है।

गिलोय स्वरस का दैनिक उपयोग करने से गाउट की समस्या में बहुत अधिक राहत मिलती है।

3. रूमेटाइड अर्थराइटिस में पतंजलि गिलोय जूस के फायदे

रूमेटाइड अर्थराइटिस की समस्या में भी पतंजलि गिलोय स्वरस एक वरदान की तरह कार्य करता है।

कुछ लोगों को शायद पता ना हो कि रूमेटाइड अर्थराइटिस आखिर होता क्या है आइए जानते हैं इसके बारे में।

यह तो आप सभी जानते हैं कि हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली ही हमें रोगों से बचाती है लेकिन इस रोग में इसका उल्टा होता है।

रूमेटाइड अर्थराइटिस में हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली ही हमारे शरीर के उतकों पर हमला करने लग जाती है।

प्रतिरक्षा प्रणाली के ऐसा करने से हमारे शरीर के जोड़ों में दर्द व सूजन की समस्या उत्पन्न हो जाती है। तथा हड्डियां भी घिसना शुरू हो जाती है जिस कारण उन्हें नुकसान पहुंचता है।

यह बीमारी आपके हाथ पैर घुटनों आदि को प्रभावित करती है तथा कभी-कभी इसका असर आंखों त्वचा फेफड़े हृदय पर भी हो सकता है।

यदि आपको रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षण दिखाई देते हैं तो पतंजलि गिलोय जूस का उपयोग सर्वाधिक लाभप्रद होगा तथा एक योग्य चिकित्सक को दिखाना भी जरूरी है।

गिलोय स्वरस का उपयोग प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक करता है जिस कारण यह रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ाती है तथा रूमेटाइड अर्थराइटिस बीमारी से बचाव होता है।

लेकिन इस बीमारी में गिलोय का उपयोग अधिक नहीं करना है, नहीं तो यह उल्टा प्रभाव भी दिखा सकता हैं।

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4. बुखार में दिव्य गिलोय जूस के फायदे

बुखार या द्वारा एक सामान्य बीमारी है जो दुनिया के हर मनुष्य को जीवन में एक ना एक बार तो होती ही है।

हमने से अधिकतर लोग अपने बुखार को उतारने के लिए अंग्रेजी दवाइयों का प्रयोग करते हैं तथा हमारा बुखार उतर भी जाता है।

लेकिन अंग्रेजी दवाइयों के उपयोग के कारण हमें बाद में कई साइड इफेक्ट देखने को मिलते हैं। यह साइड इफेक्ट्स कुछ भी हो सकते हैं जैसे – त्वचा का रूखापन, कब्ज हो जाना, चेहरे पर फोड़े-फुंसी या बालों का टूटना।

किसी भी तरह के साइड इफेक्ट से बचने के लिए आयुर्वेदिक दवाइयों से बुखार को काबू करना एक बेहतर विकल्प है।

पतंजलि गिलोय रस बुखार या ज्वर की समस्या के लिए एक बेहतरीन होती है जो एक रामबाण की तरह कार्य करती है।

बुखार के रोग में गिलोय स्वरस का कुछ दिन तक नियमित उपयोग करना चाहिए। इससे शरीर में बुखार से लड़ने वाले बैक्टीरिया में वृद्धि होती है तथा हमारा ज्वर खत्म हो जाता है।

5. एनीमिया रोग में पतंजलि गिलोय रस के फायदे

एनीमिया रोग को सामान्य भाषा में शरीर में खून की कमी के नाम से भी जाना जाता है।

कुछ लोगों में एकाएक खून कम होता चला जाता है जिस कारण उन्हें कई विकारों का सामना करना पड़ता है।

खून की कमी ना केवल हमारे हाथों पैरों में दर्द का एक कारण बनती है बल्कि यह आंखों की रोशनी बालों तथा हमारे दिमाग पर भी असर डालती है।

यदि आपको एनीमिया या खून की कमी हो गई है तो पतंजलि गिलोय जूस शरीर में रक्त बढ़ाने के लिए एक अच्छी औषधि हो सकती है।

गिलोय अपने आप में कई प्रॉपर्टीज का भंडार है जब हम इस के जूस को पीते हैं तो यह हमारे शरीर को अंदर से सुधरता है। जिस कारण हमारी बॉडी में खून बनने की गति बढ़ जाती है।

6. जॉन्डिस में गिलोय रस के फायदे

जोंडिस को भारत देश में आम भाषा में पीलिया के नाम से भी जाना जाता है।

इस रोग में हमारे शरीर की त्वचा पीली हो जाती है तथा हमारी आंखों में भी पीलापन दिखाई देता है।

यदि पीलिया का सही समय पर इलाज न किया जाए तो यह बहुत अधिक बढ़ जाती है, जो व्यक्ति की मृत्यु का भी एक कारण बन सकती है।

गिलोय में बहुत सारे औषधीय गुण होते हैं जो पीलिया रोग से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

यदि आप पीलिया से जूझ रहे हैं तो पतंजलि गिलोय जूस को शहद में मिलाकर ले, ऐसा दिन में 3 बार करें।

कुछ दिनों में ही आप देखेंगे कि पीलिया रोग धीरे धीरे ठीक हो रहा है।

7. मूत्र विकारों में पतंजलि गिलोय जूस के फायदे

मूत्र विकारों में भी गिलोय रस एक प्रभावशाली औषधि के रूप में कार्य करता है।

मूत्र रोग कई प्रकार के हो सकते हैं, कुछ व्यक्तियों को रुक रुक कर पेशाब आने की शिकायत होती है, तो कुछ को बहुत अधिक मूत्र आने की शिकायत होती है।

पेशाब से संबंधित विकारों में यह भी देखा गया है कि व्यक्ति बार-बार पेशाब करने जाता है, लेकिन पेट ठीक से खाली नहीं होता।

यदि आप भी ऐसे ही किसी मूत्र रोग से जूझ रहे हैं तो पतंजलि गिलोय जूस आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।

इस से जुड़े किसी भी रोग के लिए गिलोय रस का कुछ दिनों तक शहद में मिलाकर सेवन करें।

8. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में पतंजलि गिलोय स्वरस के फायदे

अगर हमारी बॉडी की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है तो हमें खुद से ही कई रोग घेर लेंगे।

हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता या इम्यूनिटी ही होती है जो हमें बीमारियों से बचाने का कार्य करती है।

गलत खानपान स्ट्रेस या दवाइयों के अधिक उपयोग से हमारी इम्यूनिटी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है जिस कारण यह उतनी प्रभावी नहीं रह पाती।

यदि आपको बहुत जल्दी-जल्दी बीमारियां हो जाती है। जब आस पास कोई भी वायरस फैलता है वह आपको बहुत जल्दी होता है, तो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है।

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा आयुर्वेदिक तरीका है गिलोय का उपयोग। पतंजलि गिलोय जूस में वह सभी गुण पाए जाते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी करते हैं।

इम्यूनिटी में वृद्धि करने के लिए आपको कुछ समय तक नियमित तौर पर गिलोय जूस का सेवन करना चाहिए।

9. गठिया रोग में पतंजलि गिलोय जूस पीने के फायदे

गिलोय जूस में सभी मेडिकल प्रॉपर्टीज होती है जो गठिया रोग को ठीक करने में काम आती है।

गठिया रोग एक ऐसी दशा होती है जिसमें व्यक्ति के जोड़ो, मसल आदि में दर्द होता है।

हाथ-पैर के जोड़ों या मसल में सूजन आने से होने वाले दर्द को भी गठिया के नाम से ही जाना जाता है।

यदि आप किसी भी तरह की गठिया की बीमारी से जूझ रहे हैं तो आपको गिलोय का किसी ना किसी रूप में सेवन करना ही चाहिए।

अगर आप गिलोय का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं तो यह घटिया के रूप में बहुत लाभ करेगा।

अगर आपके लिए ऐसा करना मुमकिन नहीं है तो आप पतंजलि गिलोय रस का फायदा गठिया रोग में ले सकते हैं।

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पतंजलि गिलोय जूस के नुकसान (Patanjali Giloy Juice Side Effects in Hindi)

जैसे कि हम जानते हैं गिलोय एक आयुर्वेदिक औषधि है तथा इसलिए गिलोय रस पीने के नुकसान कम ही देखने को मिलते हैं।

फिर भी हम आपको कुछ ऐसे नुकसानों के बारे में बताने जा रहे हैं जो गिलोय जूस पीने से हो सकते हैं। जो निम्नलिखित है –

  • गिलोय शरीर में शुगर के लेवल को घटाता है इसलिए कम डायबिटीज वालों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • गिलोय के सेवन से कभी-कभी निम्न रक्तचाप की समस्या भी देखने को मिल सकती है।
  • गिलोय जूस के अधिक सेवन से कब्ज की शिकायत हो सकती है इसलिए निर्धारित मात्रा में ही इसका सेवन करें।
  • गिलोय इम्यूनिटी को बढ़ाता है लेकिन रूमेटाइड अर्थराइटिस में इसका अधिक सेवन नुकसान भी दे सकता है।
  • जिनका ब्लड शुगर लेवल कम होता है उन्हें गिलोय के सेवन से बचना चाहिए।
  • गिलोय जूस से होने वाले नुकसान से बचने के लिए डॉक्टर का परामर्श लेना चाहिए।

पतंजलि गिलोय जूस के उपयोग (Patanjali Giloy Juice Uses in Hindi)

पतंजलि गिलोय स्वरस एक उपयोगी औषधि है जिसका उपयोग कई प्रकार के रोगों से बचने के लिए किया जाता है। यह हमारे शरीर को ऊर्जावान बनाकर रोगों से मुक्त करती है।

आइए जानते हैं पतंजलि गिलोय जूस के उपयोग के बारे में

  • पतंजलि गिलोय जूस का उपयोग चिकनगुनिया में भी उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
  • हृदय को स्वस्थ रखने के लिए भी गिलोय स्वरस का उपयोग कर सकते हैं।
  • पतंजलि गिलोय जूस कब्ज की बीमारी में भी उपयोगी होता है।
  • अधिक डायबिटीज की समस्या में गिलोय जूस अच्छा कार्य करता है।
  • लीवर से संबंधित विकारों में गिलोय जूस का उपयोग कर सकते हैं।
  • पतंजलि गिलोय जूस बवासीर जैसे रोग में भी लाभकारी होता है।
  • आंखों की रोशनी बढ़ाने व कान की बीमारियों में आराम पाने के लिए भी पतंजलि गिलोय जूस का इस्तेमाल किया जा सकता है।

गिलोय जूस पीते हुए सावधानियां (Giloy Swaras Precaution)

अगर आप पतंजलि गिलोय रस पीना शुरू करने जा रहे हैं तो कुछ सावधानियां बरत सकते हैं –

  • गर्भवती महिलाओं को पतंजलि गिलोय रस का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • जुकाम आदि की समस्या में गिलोय जूस का सेवन करने के बजाय, गिलोय का काढ़ा पीना चाहिए।
  • जो महिलाएं स्तनपान कराती है उन्हें गिलोय जूस का सेवन करने से पहले डॉक्टर से पूछना जरूरी है।
  • कम उम्र के बच्चों को गिलोय जूस देने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
  • शुगर से पीड़ित व्यक्ति को गिलोय जूस कम मात्रा में पीना चाहिए।

पतंजलि गिलोय जूस सेवन विधि (Patanjali Giloy Juice Dosage)

पतंजलि गिलोय स्वरस पीने के तरीके की बात करें तो इसके पैकेट पर दिए गए निर्देश के अनुसार हमें 1 दिन में 15 से 30 एमएम जोशी पीना चाहिए।

आप सुबह खाली पेट 15ml जूस को पानी के साथ मिलाकर पी सकते हैं तथा शाम को फिर से 15ml जूस को पानी के साथ मिलाकर पी सकते हैं।

सबसे अच्छा तो यह रहेगा कि आप पतंजलि गिलोय जूस पीने का सही तरीका जानने के लिए चिकित्सक से परामर्श लें।

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पतंजलि गिलोय जूस कहां से खरीदें (How to Buy Patanjali Giloy Juice)

पतंजलि गिलोय जूस की आधी लीटर की बोतल आपको कहीं भी पतंजलि के स्टोर से मिल जाएगी।

यदि आपके आसपास कोई पतंजलि स्टोर उपलब्ध नहीं है तो आप इसे ऑनलाइन आर्डर करके भी अपने घर पर मंगा सकते हैं।

पतंजलि गिलोय जूस कीमत (Patanjali Giloy Juice Price)

पतंजलि गिलोय जूस प्राइस की बात करें तो इसकी आधा लीटर मतलब 500ml की बोतल ₹90 में आती है।

₹90 = 500ml पतंजलि जूस

FAQ (गिलोय जूस के बारे में सवाल)

प्रश्न – क्या बुखार में पतंजलि गिलोय जूस फायदेमंद है?

उत्तर – हां, बुखार में गिलोय जूस लाभ देता है सही जानने के लिए ऊपर पोस्ट पढ़े।

प्रश्न – क्या गर्भवती स्त्रियों को पतंजलि जूस का सेवन करना चाहिए?

उत्तर – गर्भवती औरतों को पतंजलि जूस का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।

प्रश्न – क्या पीलिया रोग में पतंजलि गिलोय जूस का सेवन किया जा सकता है?

उत्तर – पीलिया रोग में पतंजलि गिलोय स्वरस का उपयोग लाभप्रद होता है।

सारांश और समीक्षा

आज के इस लेख में पतंजलि गिलोय स्वरस के लाभ (Benefits of Patanjali Giloy Juice in Hindi) के बारे में चर्चा की।

साथ ही हमने पतंजलि गिलोय जूस के फायदे और नुकसान, गिलोय जूस के उपयोग (Patanjali Giloy Juice Uses in Hindi), सेवन विधि तथा कीमत के बारे में भी बात की।

यदि आप पतंजलि गिलोय जूस से जुड़ा कोई भी सवाल हम से पूछना चाहते हैं तो आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

Disclaimer: यह जानकारी केवल पाठकों के ज्ञान वर्धन के लिए प्राप्त कराई गई है। healthihuman.com पतंजलि गिलोय जूस से मिलने वाले इन फायदों की पुष्टि नहीं करता। अधिक जानकारी के लिए किसी योग्य चिकित्सक का ही परामर्श सर्वोपरि माने।

Reference: वन एमजी

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