पतंजलि “कोलोग्रिट” टैबलेट के फायदे और नुकसान | Cologrit Tablet in Hindi

पतंजलि दिव्य कोलोग्रिट टैबलेट के फायदे (Patanjali Cologrit Benefits in Hindi) कोलोग्रिट के नुकसान, उपयोग, सेवन विधि (Uses, Side Effects of Patanjali Cologrit Tablet in Hindi)

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पतंजलि कोलोग्रिट के फायदे और नुकसान – Cologrit Tablet Ke Fayde

आंत के रोग अगर बढ़ जाए तो छुटाए नहीं छूटते। यदि बीमारी बड़ी आँत में हो जाए फिर तो ज़िन्दगी भर दवाई खाते रहो।

संग्रहणी या IBS (Irritable Bowl Syndrome), खुनी संग्रहणी (जिसे अल्सरेटिव कोलाइटिस के नाम से भी जाना जाता है) कुछ ऐसे ही रोग हैं। यदि आपको इनमे से को भी बीमारी हो जाती हैं तो उसका कोई आधुनिक मेडिकल में गारंटी का इलाज नहीं हैं।

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लेकिन हमारे आयुर्वेद में इन सबके लिए उपचार उपलब्ध हैं। बड़ी आंत के रोगों को देखते हुए बाबा रामदेव के पतंजलि अनुसंधान ने कालोग्रिट नामक दवाई तैयार की हैं।

चूँकि कालोग्रिट दवाई को कोलाइटिस के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है इसलिए इसका नाम कोलोग्रिट दिया गया हैं। आइये जानते हैं पतंजलि दिव्य कोलोग्रिट टैबलेट के फायदे और नुकसान के बारे में –

पोस्ट पूरी पढ़े क्योंकि इसमें आपको आपकी बीमारी का इलाज जरूर मिलने वाला हैं

पतंजलि कोलोग्रिट टैबलेट क्या है (Divya Cologrit Tablet in Hindi)

कोलोग्रिट टेबलेट पतंजलि की दिव्य फार्मेसी द्वारा तैयार की गई एक दवाई है। इस दवाई को बड़ी आंत के रोगों को ठीक करने के लिए बनाया गया है। यह पहली ऐसी दवाई है जिसे एंट्रिक कोटेड (Enteric Coated) तकनीक से तैयार किया गया है।

आज से पहले ऐसी आयुर्वेदिक दवाई नहीं बनाई गई थी जो सीधे रोग की जगह पर जाकर उसे समाप्त करें। कोलोग्रिट को आईबीएस तथा खूनी संग्रहणी आदि रोगों के लिए बनाया गया है।

क्या है एंट्रिक कोटेड तकनीक (Enteric Coated Technique in Cologrit)

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि कोलोग्रिट टेबलेट को एंटरिक कोटेड तकनीक से तैयार किया गया है। तो आपके मन में सवाल आया होगा कि आखिर यह एंटरिक कोटेड तकनीक होती क्या है?

दरअसल एंटरिक कोटेड दवाई पर उपयोग की गई एक तकनीक होती है जिस कारण दवाई उसी जगह पर जाकर घुलती है, जहां पर मर्ज होता है।

जैसे कि कोलोग्रिट को बड़ी आंत के रोगों के लिए बनाया गया है तो जब इसे एक रोगी खाएगा, तो यह सीधे बड़ी आंत में जाकर घुलेगी।

अभी आप जो भी दवाई खाते हैं वह आपके पेट में जाकर घुल जाती है, उसके बाद बड़ी आंत में पहुंचती है जिससे उसका असर कम हो जाता है। लेकिन कोलोग्रिट एंट्रिक कोटेड तकनीक से तैयार की गई है तो यह सीधे बड़ी आंत में जाकर रोगों को जड़ से खत्म करेगी।

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बड़ी आंत के रोग कौन कौन से होते हैं?

कुछ लोग पेट को ही बड़ी आंत समझ लेते हैं लेकिन यह पेट का एक हिस्सा होती है। बड़ी आंत छोट आंत से जुड़ी होती है तथा यह हमारे मलाशय द्वार तक जाती है।

जिसका सीधा सा अर्थ है कि शोच करते वक्त मल हमारी बड़ी आंत या कोलन से ही निकलता है।

हमारे लिए यह जानना बहुत आवश्यक है कि बड़ी आंत के रोग कौन-कौन से होते हैं। क्योंकि यह बहुत भयंकर रोग होते हैं तथा इन्हें एक निश्चित समय के बाद ठीक कर पाना लगभग असंभव सा ही होता है।

बड़ी आंत के कुछ रोग होते हैं जैसे –

  • संग्रहणी
  • खूनी संग्रहणी
  • आईबीएस
  • बड़ी आंत का कैंसर
  • कॉलोनिक पॉलिप्स ( इस रोग में बड़ी आंत में उत्तक बढ़ जाते हैं जो कैंसर का कारण भी बन सकते हैं)

दिव्य कोलोग्रिट में उपलब्ध घटक (Divya Cologrit Ingredients)

पतंजलि दिव्य कोलोग्रिट कई सारी आयुर्वेदिक औषधियों का मिश्रण हैं। इसमें मौजूद घटक है –

  • बेल
  • कुटज
  • जीरा
  • अजवाइन
  • सौंफ
  • गुलाब
  • कपूर (दालचीनी कपूर)….. आदि.

पतंजलि कोलोग्रिट के उपयोग (Divya Cologrit Tablet Uses in Hindi)

दिव्य कोलोग्रिट एक बहुत उपयोगी मेडिसिन हैं। आइये जानते है पतंजलि कोलोग्रिट के उपयोग के बारे में –

  • पेट की परत की सूजन कम करने में कोलोग्रिट टैबलेट बहुत उपयोगी हैं।
  • कोलोग्रिट का उपयोग संग्रहणी बीमारी को ठीक करने में किया जाता हैं।
  • इस आयुर्वेदिक औषधि का उपयोग गैस्ट्रोएंटेराइटिस (यह पेट और छोटी आंत दोनों की सूजन होती हैं) को ठीक करने के लिए भी किया जा सकता हैं।
  • पेप्टिक अल्सर की समस्या से निजात पाने के लिए भी कोलोग्रिट का उपयोग किया जाता हैं।
  • अल्सरेटिव कोलाइटिस की समस्या में कोलोग्रिट बहुत प्रभावी दवाई हैं।
  • गैस बनने की समस्या में भी यह दवाई उपयोगी हैं।

ये कुछ पतंजलि कोलोग्रिट गोली के उपयोग हैं। लेकिन इसके बारें में सबकुछ जानने के लिए आपको फायदे जरूर पढ़ने चाहिए।

साथ ही हमने आगे वो परहेज बताये है जो Cologrit गोली का सेवन करते हुए अवश्य करने चाहिए, नहीं तो आराम बहुत कम होगा।

कोलोग्रिट खाने के क्या फायदे हैं (Patanjali Cologrit Benefits in Hindi)

कोलोग्रिट एक बहुत ही लाजवाब दवाई है यह औषधीय गुणों से भरपूर है। इसी कारण इसकी मांग दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।

जो लोग पेट के विकारों, स्पेशली बड़ी आत्र के रोगों से जूझ रहे हैं उनके लिए तो यह अमृत के समान काम करती है। आइए जानते हैं कोलोग्रिट के उपयोग तथा फायदे के बारे में –

1. कोलोग्रिट के फायदे संग्रहणी के इलाज में

संग्रहणी जिसे अंग्रेजी भाषा में आईबीएस (IBS) के नाम से जाना जाता है, यह एक ऐसा रोग होता है जो आपके पेट की पाचन क्रिया को अवरुद्ध कर देता है। कभी-कभी पेट में दर्द होता है, तो कभी खाना खाने के बाद मरीज को तुरंत शौच के लिए जाना पड़ता है।

संग्रहणी के समय कभी-कभी तो हालत ऐसी हो जाती है कि मरीज को दिन भर में 20 से 30 बार तक शौच के लिए जाना पड़ जाता है।

तो आप सोच ही सकते हैं यह रोग कितना भयंकर है। इसी को ठीक करने के लिए बाबा रामदेव जी ने पतंजलि अनुसंधान से एक दवाई तैयार करवाई जिसे कोलोग्रिट नाम से जाना जा रहा है।

यदि आपको संग्रहणी की समस्या है तो दिव्य कॉलोग्रिट गोली का जरूर जरूर उपयोग कीजिए।

2. अल्सरेटिव कोलाइटिस में कोलोग्रिट टैबलेट के फायदे

अल्सरेटिव कोलाइटिस को भारत में आम भाषा में खूनी संग्रहणी के नाम से भी जाना जाता है। यह संग्रहणी का ही एक बिगड़ा रूप होता है, संग्रहणी की ही तरह अल्सरेटिव कोलाइटिस बड़ी आंत का रोग होता है।

बस फर्क यह होता है कि अल्सरेटिव कोलाइटिस मनुष्य के मलाशय से आरम्भ होकर पूरी आंत में यह बीमारी हो जाती है। इस बीमारी से जूझ रहे मरीज को शौच के समय खून आने जैसी दिक्कत होती है। इसलिए इसे खूनी संग्रहणी के नाम से भी जाना जाता है।

इस रोग में बड़ी आंत के अंदर अल्सर या घाव बन जाते हैं। जिस कारण मरीज को खाने पीने में भी समस्याएं होती है। पेट में बार-बार खाने-पीने की चीजों के कारण दर्द की समस्या होती है। अल्सरेटिव कोलाइटिस में कोलोग्रिट एक बेहतरीन दवाई है।

कोलोग्रिट को अगर आप 4-5 महीने लगातार सेवन करते हैं तो निश्चित रूप से अल्सरेटिव कोलाइटिस की समस्या में बहुत अधिक आराम मिल सकता है, यदि आप साथ में नीचे बताये गए परहेज भी करे

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3. उदार विकार में कोलोग्रिट के फायदे

उदार विकारों में भी पतंजलि की कोलोग्रिट टेबलेट के बहुत अधिक लाभ है। यदि आप पेट से जुड़ी सामान्य समस्याओं से जूझ रहे हैं तो आपको इस टेबलेट का सेवन जरूर करना चाहिए।

पेट के सामान्य विकार कुछ भी हो सकते हैं जैसे – पेट का भोजन को सही तरीके से पचा न पाना, भूख कम लगना तथा खाना खाने की वजह से पेट दर्द होना आदि।

यदि आप भी पेट की ऐसी किसी समस्या से जूझ रहे हैं तो दिव्य कोलोग्रिट के फायदे जरूर उठाएं तथा आपको इससे क्या रिजल्ट प्राप्त हुआ हमें नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

4. डायरिया में पतंजलि दिव्य कोलोग्रिट के लाभ

डायरिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें मनुष्य 1 दिन में कई बार सोच के लिए चला जाता है। इस रोग में व्यक्ति को सोच में पानी जैसा महसूस होता है।

वैसे तो यह एक आम समस्या है तथा कभी-कभार ही होती है। लेकिन अगर आप डायरिया या अतिसार से हर महीने या कुछ दिन में जूझते रहते हैं तो आपक पतंजलि कोलोग्रिट टेबलेट का उपयोग अवश्य करना चाहिए, यह आपको राहत दिलाएगी।

5. पतंजलि कोलोग्रिट टैबलेट के फायदे पेचिश में

यदि आपको पेचिश की समस्या है तो दिव्य कोलोग्रिट टेबलेट का उपयोग आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।

पेचिश आंतों का एक संक्रमण होता है जो रक्त या बलगम से युक्त दस्त का कारण बनता है।

पेचिश में आपको अन्य लक्षण जैसे- पेट में दर्दनाक ऐठन, बीमार सा महसूस करना या उल्टी होना आदि भी महसूस हो सकते हैं।

पेचिश समस्या को ज्यादा हल्के में ना लें यदि यह बार-बार हो रही है तो कोलोग्रिट टेबलेट का उपयोग करे।

6. गैस्ट्रिक समस्या में कोलोग्रिट टैबलेट के फायदे

गैस्ट्रिक परेशानियों के लिए कोलोग्रिट टैबलेट बहुत अच्छी होती है, इसे आप पेट की समस्याओं से बचने के लिए ले सकते हैं। यदि आपको पेट में दर्द ऐठन या गांठ सी महसूस होना ऐसा लग रहा है।

अगर आपको अपना पेट भरा हुआ सा लगता रहता है तो आप इस दवाई का सेवन कर सकते हैं यह आपके लिए फायदेमंद रहेगी।

कुछ व्यक्तियों को पेट पर हाथ फेरने से ऐसा लगता है कि जैसे उनके पेट में सूजन है और उन्हें थोड़ा भारीपन सा भी महसूस होता है। उनके लिए भी कोलोग्रिट टैबलेट काफी फायदेमंद होती है।

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दिव्य कोलोग्रिट टैबलेट के नुकसान (Cologrit Side Effects in Hindi)

यदि कोलोग्रिट के नुकसान की बात करें तो अभी तक इसका कोई भी नुकसान सामने नहीं आया है।

मुझे खुद अल्सरेटिव कोलाइटिस की समस्या है और मैं इस दवाई को 4 महीने से ले रहा हूं। मेरी कोलाइटिस पूरी तरह से ठीक लग रही है तथा मुझे कोई भी परेशानी महसूस नहीं हो रही है।

फिर भी यदि आप इस दवाई को लंबे समय तक लेना चाह रहे है, जो कि आपको लेनी पड़ेगी, यदि आपको संग्रहणी या अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसे रोगों को ठीक करना है।

तो बेहतर यह होगा कि आप किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लें। वैसे मैंने आपको बता दिया है कि मैं यह दवाई 4 महीने से ले रहा हूं और मुझे कोलोग्रिट टैबलेट के साइड इफेक्ट बिल्कुल भी महसूस नहीं हुए हैं।

कोलोग्रिट टैबलेट सेवन विधि (How to Take Cologrit Tablet in Hindi)

क्योंकि बड़ी आंत से जुड़ी समस्याएं बहुत ही जटिल होती है तो यह जानना बहुत आवश्यक होता है कि हमें दवाई को किस समय और किस मात्रा में लेना है।

पतंजलि कोलोग्रिट टैबलेट की बात करूं तो इसके बॉक्स के ऊपर लिखा हुआ है कि आपको सिर्फ 2 गोली पुरे दिन में खाने के बाद हल्के गर्म पानी से लेनी है।

तो आप ऐसा कर सकते हैं कि दोपहर के भोजन के आधे घंटे बाद हल्के गुनगुने पानी से एक गोली ले तथा रात के भोजन के आधे घंटे बाद हल्के गुनगुने पानी से एक गोली ले।

यह तरीका सबसे बेहतर रहेगा और इससे भी अच्छा रहेगा कि आप किसी विश्वसनीय आयुर्वेदिक चिकित्सक से इसकी सेवन विधि के बारे में संपर्क कर ले.

कितनी टैबलेट खानी हैं?एक दिन में 2 टैबलेट (1 सुबह और 1 शाम)
कब सेवन करनी है?भोजन के आधा घंटे बाद सुबह और शाम
कैसे सेवन करनी है?गुनगुने पानी से (हल्का गर्म पानी)

कोलोग्रिट टेबलेट लेते समय परहेज (Avoidance during Cologrit Tablet Intake)

परहेज की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है, किसी भी बीमारी को जल्दी ठीक करने के लिए। यदि आप पतंजलि की कोलोग्रिट टेबलेट ले रहे हैं तो आपको कुछ परहेज करने ही चाहिए।

क्योंकि आपकी समस्या बहुत बड़ी है तो उसे ठीक होने में समय लगेगा और सही परहेज उसे जल्दी ठीक कर सकता है।

आइए जानते हैं कि आपको पतंजलि कोलो टेबलेट लेते समय क्या परहेज करना चाहिए

  • जितना हो सके चाय कॉफी का सेवन कम से कम करें, अगर नहीं करते तो बहुत बेहतर होगा।
  • टमाटर का सेवन करने से बचें, अगर टमाटर नहीं छोड़ सकते तो कम से कम उसके बीज निकालकर ही टमाटर का उपयोग करें।
  • भारी दालें जैसे चने की दाल, उड़द की दाल, या कोई और दाल जिन्हें पचने में देर लगती है, उनका सेवन कम ही करें या बिल्कुल ना करें.
  • बड़ी आत्र के रोगों में दूध पीने से कुछ व्यक्तियों की समस्या और बढ़ जाती है यदि आपके साथ ऐसा है तो दूध ना पिए।
  • सूखे मेवे (Nuts) जैसे बादाम, काजू, छुहारे आदि का सेवन ना करें। क्योंकि इन्हें पचाना बहुत मुश्किल होता है तो यह आपकी आंतों को स्वस्थ बनाने में अवरोध पैदा करेंगे।
  • फास्ट फूड जैसे चाऊमीन, बर्गर तथा पिज़्ज़ा आदि का सेवन बिल्कुल ना करें, जितना हो सके घर में बना साधारण खाना खाए।
  • फ्रिज में रखे पानी का सेवन करने से बचे, पानी घूट-घूट करके पिए।
  • अधिक मिर्च और मसाले वाले भोजन का सेवन बिल्कुल ना करें।

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पतंजलि कोलोग्रिट टेबलेट की कीमत (Divya Cologrit Tablet Price)

दिव्य कोलोग्रिट को आप पतंजलि के किसी स्टोर से या ऑनलाइन मंगा सकते हैं।

इसका 60 टैबलेट का एक पैक ₹360 का आता है.

₹360 = 60 टैबलेट

आपको 1 दिन में 2 टेबलेट ही खानी है तो आराम से एक पैकेट 1 महीने (30 दिन) चल जाएगा।

FAQ (कोलोगग्रिट के बारे में प्रश्न)

प्रश्न – क्या संग्रहणी रोग में कोलोग्रिट ले सकते हैं?

उत्तर – संग्रहणी में कोलोग्रिट का सेवन कर सकते है, लेकिन कैसे करना है ऊपर पोस्ट में बताया गया हैं।

प्रश्न – क्या कोलोग्रिट एक आयुर्वेदिक दवाई हैं?

उत्तर – जी हाँ, कोलोग्रिट एक आयुर्वेदिक दवाई हैं।

प्रश्न – कोलोग्रिट सबसे अधिक किस रोग में उपयोगी हैं?

जबाब – पतंजलि कोलोग्रिट अल्सरेटिव कोलाइटिस में अधिक उपयोगी हैं।

अंत में –

इस लेख में हमने पतंजलि कोलोग्रिट के फायदे (Divya Patanjali Cologrit Benefits in Hindi) के बारे में विस्तार से जाना। हमने दिव्य कोलोग्रिट टैबलेट के फायदे और नुकसान, उपयोग आदि के बारे में भी चर्चा की।

उम्मीद करते हैं कि आपको यह लेख (Uses of Cologrit Tablet in Hindi) बहुत पसंद आएगा तथा यह आपके लिए स्वास्थ्य के रूप में भी लाभकारी सिद्ध होगा।

यदि आपको इस दवाई के बारे में कोई सवाल पूछना है तो आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

Disclaimer : यह जानकारी हमने पाठकों के ज्ञान वर्धन के लिए प्राप्त कराई है. हेल्थीह्यूमन डॉट कॉम जानकारी के दायित्व की पूर्ति नहीं करता। यदि आपको गंभीर समस्या है तो आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क अवश्य करें।

Reference: पतंजलि वेबसाइट

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This Post Has 12 Comments

  1. Navin

    पिछले एक साल से मेरे पेट में नाभि के ऊपर वाला हिस्सा हल्का दर्द सूजन जैसा फूला हुआ महसूस होता है दोपहर में खाने के बाद समस्या थोड़ी बड़ी जाती है क्या इसमें कोलोग्रिट राहत देगा।

    1. नवीन जी सबसे पहले आप पेट का चेकअप कराये उसके बाद जो भी समस्या सामने आती है उसका इलाज कराये. चेकअप के बाद आप हमसे भी सलाह ले सकते है हमे आपकी सहायता करने में ख़ुशी होगी.

  2. Navin

    पिछले लगभग एक साल से मेरे पेट पर नाभि में ऊपर वाला हिस्सा फुला कड़ापन एवं हल्का दर्द महसूस होता है अक्सर दोपहर में खाने के बाद क्या इस समस्या में कोलोग्रिट लाभदायक होगा।

    1. नमस्कार नवीन जी, आप इस समस्या में कालोग्रिट का उपयोग न करे. आपको सूजन या दर्द होने का कारण पाचन सम्बन्धी कोई परेशानी या फिर हर्निया भी हो सकता हैं. इसलिए आवश्यक है कि सबसे पहले आप पेट का चेकअप कराये. अल्ट्रासाउंड कराने से आपकी सही बीमारी का पता लग जायेगा तथा उसके बाद किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से इलाज कराएं.

    1. नमस्ते अनुपमा जी, सबसे पहले तो आप अपने बेटे के खान-पान का ध्यान रखिये. उन्हें कोई भी भारी चीज ना खान दे, यहाँ तक कि चना या इसकी दाल भी ना दे. हल्का खान ही खिलाये, अगर दूध से समस्या हैं तो दूध भी बंद कर दे. उनके खाने में लाल या हरी मिर्ची न डाले तथा हो सके तो टमाटर का उपयोग भी न करे. ज्यादा से ज्यादा अनार, हरी सब्जी, मूम छिलका दाल दे.

      अगर बात करू इलाज की तो कालोग्रिट तथा बाबा रामदेव जी की बताई अन्य दवाई से भी आराम हो सकता है. सबसे अच्छा होगा कि आप हरिद्वार में पतंजलि हॉस्पिटल में डॉक्टर को दिखाएँ, यहाँ इस बीमारी का इलाज कम पैसो में ही उपलब्ध है.

  3. Mehak

    Sir ultrasound mein meri choti antt mein sujan hai mujhe kuj pachta nhi hai loosmotion hote hai kya cologrit se. Meri smaseya bilkul thik ho skti hai ja hmesha k liye dwayi khani padhegi pls btayiye

    1. Choti Aant Ki Soojan me Cologrit Laabdhyak ho sakti hain. Lekin anulom-vilom or KAPAL Bhaati Pranayam yog karna aapki puri samsya ko jad se jaroor kthm kar sakta hai. Saath m aapko khaane me bhi bhot dhyaan rakhna hai, kisi bhi hard cheej ko na khaye.

  4. सर् मेरे पिता 7 । 8 साल से कोलाइटिस से परेसान है,
    15 से 20 बार उनको लैटरिंग जाना पड़ता है, ब्लड भी आता है
    उसको जड़ से खत्म करने का कोई इलाज बताइये,🙏plz

    1. हैलो सबीर जी, सबसे पहले तो आप उन्हें खाने के आधे घंटे बाद सुबह और शाम 1-1 गोली कालोग्रिट (Cologrit) की गुनगुने पानी से देनी शुरू करे. उनका दूध, घी तथा मीठा बिल्कुल बंद कर दे, छाछ (मट्ठा) आपके पिता जी पी सकते है. साथ में पतंजलि के कुटज घनवटी, चित्रकादी वटी 1-1 गोली दिन में 2 बार तथा कुटजारिस्ट सिरप 4 चम्मच पीने को दे. साथ में अनुलोम-विलोम तथा कपाल-भाति कराये. उनकी इस समस्या में 2-3 महीनों में ही बहुत अधिक आराम मिल जायेगा.

      आप चाहे तो हरिद्वार पतंजलि हॉस्पिटल में अपने पिता जी को डॉक्टर को दिखा सकते है वहाँ सस्ते में ही कोलाइटिस का इलाज हो जाता है.धन्यवाद

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