बरगद के पेड़ के 23 फायदे और नुकसान | Bargad Ke Ped Ke Fayde

बरगद के पेड़ के फायदे (Bargad Ke Ped Ke Fayde aur Nuksan) बरगद के पेड़ के नुकसान, उपयोग (Bad Ka Ped, Banyan Tree Uses, Side Effects)

bargad-ke-ped-ke-fayde-banyan-tree-benefits-hindi
बरगद का पेड़ – Bad Ka Ped

हमारे देश में बहुत से ऐसे प्राचीन पेड़ है, जिन्हें हमारे हिंदू धर्म में पूजा जाता है। प्राचीन पेड़ों को लेकर बहुत सी ऐसी मान्यताएं हैं जिनको पूरी करने के लिए लोग तरह-तरह से इनकी उपासना करते हैं। हमारे पूजनीय वृक्षों में बड़ के पेड़ और पीपल के पेड़ को सर्वोपरि माना जाता हैं। प्राचीन समय से ही हिंदू धर्म को मानने वाले इन वृक्षों की पूजा अर्चना करते हैं। इन को लेकर मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इनकी उपासना सच्चे मन और श्रद्धा से करता है तो उसके कार्य सिद्ध हो जाते हैं।

आज हम आपको बरगद के पेड़ की विशेषता, महत्व, फायदे आदि के बारे में विस्तार से बतायेगे. चलिए जानते है बड़ का पेड़ के फायदे और नुकसान (Bad Ka Ped) के बारे में –

बड़ (बरगद) का पेड़ क्या है? (Bad Ka Ped in Hindi)

बड़ के वृक्ष को हमारे पूर्वजों के समय से जाना जाता है क्योंकि यह एक पूजनीय वृक्ष होता है। जो प्राचीन बड़ के वृक्ष होते हैं, वो आकार में बहुत ही विशाल होते हैं। कहा जाता है कि उनके आकार का कोई दूसरा वृक्ष भारत में नहीं पाया जाता। यह पेड़ बहुत ही ज्यादा छायादार होता है। इसकी छाया में सुकून से आराम किया जा सकता है।

इस वृक्ष के पत्तों की बात करें तो इसके पत्ते अधिक लंबे न होकर गोल आकृति के होते हैं। इस पेड़ के फल छोटे-छोटे गूलर के जैसे लाल रंग के होते हैं। इस वृक्ष की एक खास बात यह भी है कि यह अकाल में भी जीवित रहता है।

इस वृक्ष को लेकर हमारे समाज में एक मान्यता यह भी है कि माता पार्वती ने भगवान शिव की प्राप्ति के लिए बड़ के वृक्ष की पूजा की थी। इस वृक्ष को लेकर और भी बहुत से पौराणिक मान्यताएं या कथाएं हैं। इसी वजह से इस पेड़ को हमारे पूर्वजों के समय से ही पूजा जाता है।

इस वृक्ष की पत्तियों में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, फास्फोरस पाया जाता है और इस वृक्ष के फल में भरपूर मात्रा में कैलोरी, शुगर, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन b1 और b3, प्रोटीन के साथ-साथ कैल्शियम और फास्फोरस भी पाया जाता है। बरगद के पेड़ में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी विद्यमान होते हैं।

बरगद के पेड़ में मौजूद पोषक तत्व (Banyan Tree Nutrients Value)

बड़ का पेड़ बहुत सारे पोषक तत्वों से परिपूर्ण है इसीलिए इसके उपयोग से बहुत से लोगों को फायदा पहुंचता है। आइए नीचे बनी तालिका से जानते हैं बरगद के पेड़ में उपलब्ध पोषक तत्व के बारे में –

क्‍वार्सेटिनबी सीटोस्‍टर
फ्राइडेलिनएस्‍टर
क्‍वार्सेटिनल्‍यूकोसाइनिडिन
ल्‍यूकोप्‍लेयरफ्लेवोनॉयड
बर्गप्‍टनग्‍लाइकोसाइड्स
इनोजिटोलटॉग्लिक एसिड
पॉलिसाक्राइड सिटोस्‍टेरॉलफास्फोरस…आदि

👉 यह भी पढ़े > दिल के रोगों की पतंजलि ने बनाई सबसे अच्छी दवाई हृदयामृत वटी

बरगद के पेड़ के फायदे (Bargad Ke Ped Ke Fayde in Hindi)

बरगद का पेड़ एक ऐसा पेड़ है जो अपनी गुणवत्ता के कारण काफी प्रसिद्ध है। और इस वृक्ष के हमारे जीवन मे बहुत से फायदे हैं. आइये जानते है बरगद के पेड़ के लाभ –

Join WhatsApp

1. वीर्य का पतलापन दूर करने में बरगद के पेड़ के फायदे

वीर्य का पतला होना एक गंभीर समस्या है। यह कैसे समस्या है जिसके कारण आपको संतानोत्पत्ति होने में कठिनाई हो सकती है। वीर्य पतला होने के कारण संतान उत्पत्ति करने वाले शुक्राणु महिला के शरीर में नहीं पहुंच पाते हैं। इस समस्या के लिए लोग कई डॉक्टर के पास जाते हैं और तरह-तरह की दवाइयों का सेवन करते हैं। लेकिन यदि आपको घर बैठे ही इस तरह की समस्या से छुटकारा मिल जाए तो सोने पर सुहागा हो जाएगा।

वीर्य के पतलेपन के इलाज के लिए आप बरगद के पेड़ की मुलायम कोपलो को छाया में सुखाकर, उनका चूर्ण बनाकर,  बनाई गई चूर्ण के बराबर और इसका सेवन 7 दिन तक लगातार दूध के साथ करेंगे। जिससे आपको फायदा देखने को मिलेगा।

2. काम शक्ति को बढ़ाने में बड़ का पेड़ के फायदे

बढ़ती उम्र या फिर शारीरिक कमजोरी के कारण कभी ना कभी किसी में काम शक्ति कम हो जाती है। इस परिस्थिति पीड़ित व्यक्ति तरह-तरह की काम वर्धक औषधियों का सेवन भी करता है। काम वर्धक औषधियों का सेवन करने से काम शक्ति तो बढ़ जाती है लेकिन उसके साथ साथ शरीर में कुछ अन्य परेशानियां जन्म ले लेती हैं।

यदि कोई व्यक्ति काम शक्ति को बढ़ाना चाहता है। तो वह अन्य औषधियों का सेवन ना करके बरगद के कच्चे फल को छाया में सुखाकर, उस का चूर्ण बनाकर, दो दो चम्मच सुबह शाम दूध के साथ सेवन कर सकता है। ऐसा करने से उसकी काम शक्ति शीघ्र ही बढ़ने लगेगी।

3. बरगद से धात गिरने का इलाज

किसी भी व्यक्ति को धात गिरने की परेशानी हो सकती है। यह समस्या अधिकतर वयस्कों में पाई जाती है। और यह एक आम बात होने के साथ ही एक गंभीर समस्या भी है।

बार-बार धात गिरने से आपको दूसरों के सामने शर्मिंदा होना पड़ सकता है। यदि कोई भी व्यक्ति इस तरह के रोग से पीड़ित है तो उसे बरगद की डांढी को पीसकर रोज एक चम्मच दूधिया पानी के साथ सेवन करने से धात की समस्या दूर हो सकती है।

Join Telegram

4. ताजा जख्म ठीक करने में बरगद के पेड़ के फायदे

अचानक से जब किसी व्यक्ति को दुर्घटना में चोट लग जाती है। चोट इतनी गंभीर होती है कि उस में टांके लगाने की या पट्टी करने की जरूरत होती है। और आसपास कोई भी मेडिकल सुविधा उपलब्ध नहीं होती तो ऐसे में आप घर पर ही इसका इलाज कर सकते हैं।

उसके लिए आपको बरगद के पेड़ के पत्तों को गर्म करके जख्म वाली जगह पर रखकर पट्टी बांधनी होती है। यह पट्टी आपको 3 दिन लगातार बांधनी होगी। ऐसा करने से बिना टांके लगाए ही जख्म आसानी से भर जाएगा। क्योंकि बरगद में एंटी बैक्टीरियल गुण भी होते हैं जो जख्म को जल्दी ठीक करने का कार्य करते हैं।

👉 यह भी पढ़े > खाया कोलेजन प्राश तो कभी बुढ़ापा नहीं आयेगा

5. सिर के बाल उगाने में बरगद के पेड़ के लाभ

आधुनिक युग में भागदौड़ भरे जीवन में तनाव के कारण सिर के बालों का झड़ना एक आम  बात हो गई है। और बढ़ते बढ़ते यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि सिर से बाल ही गायब हो जाते हो। कभी-कभी बहुत से उपचार कराने पर भी बाल नहीं उगते। लेकिन हम आपको घर बैठे ही ऐसा उपचार बताएंगे जिससे आपके बाल झड़ना रुक जाएगा और नए सिरे से नए बाल रुक जाएंगे।

इसके लिए आपको बरगद के पेड़ के पत्तों को जलाकर, उन्हें पीसना होगा और फिर उस मिश्रण को अलसी के तेल में मिलाकर सिर पर लगाना होगा। ऐसा लगातार करने से जल्द ही आपके बालों की समस्या दूर हो जाएगी।

6. श्वेत प्रदर में बड़ का पेड़ के फायदे

श्वेत प्रदर की समस्या महिला और पुरुषों दोनों को होती है लेकिन यह समस्या अधिकतर महिलाओं में पाई जाती है। क्योंकि मासिक धर्म के समय हार्मोन असंतुलन के कारण शरीर में कुछ ऐसे बदलाव होते हैं जिससे महिलाओं को श्वेत प्रदर की शिकायत रहती है। जिस महिला को श्वेत प्रदर अधिक मात्रा में होता है, उसे कमर दर्द की शिकायत हमेशा बनी रहती है।

इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप बरगद के पत्तों को छाया में सुखाकर और उनका चूर्ण बना ले। इस चूरन में समान मात्रा में शक्कर को पीसकर मिला ले और आधी चम्मच के बराबर रोज इसका सेवन करें। रोजाना इसका सेवन करने से आपका श्वेत प्रदर का रोग जड़ से खत्म हो सकता है।

7. जख्म मलहम के रूप में फायदेमंद

आजकल बाजार में जख्म को ठीक करने वाले बहुत से मलहम मिल जाते हैं। कभी-कभी बाजार में मिलने वाले मलहम इतनी तेज होते हैं कि जख्म वाली जगह पर लगाने से तेज जलन होने लगती है। जो काफी असहनीय होती है।

इसलिए इस तरह की जलन से बचने के लिए आप घर पर ही मलहम बना सकते हैं। इसके लिए आपको बड़ के वृक्ष के पीले पत्तों को जलाकर उनकी राख बनानी होगी और इस राख को मोम और घी में मिलाकर मरहम तैयार हो जाएगा। जिसको लगाने से आपके जख्म में कोई जलन नहीं होगी और जख्म जल्दी भर जाएगा।

8. मसूड़ों की सूजन में बरगद के पेड़ के फायदे

जब कभी भी किसी व्यक्ति को मसूड़ों में सूजन आती है तो उसके मसूड़ों में काफी दर्द होने लगता है और खाना खाने में भी काफी परेशानी होती है। वैसे तो दवाइयां लेने से यह समस्या जल्द ही दूर हो जाती हैं.

लेकिन यदि आप चाहते हैं कि बिना दवाई खाए आपको इस समस्या से छुटकारा मिल जाए। तो आप बरगद बरगद की छाल के साथ पीपल की छाल को चबाते है तो मसूड़ों की सूजन और दर्द में जल्द ही लाभ होता है।

👉 यह भी पढ़े > पतंजलि ने बनाई वजन घटाने की सबसे अच्छी टैबलेट वेट गो

9. किसी भी प्रकार की मोच में फायदेमंद

जब कभी चलते चलते किसी व्यक्ति के पैर में अचानक से मोच आ जाए तो काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पीड़ित व्यक्ति ठीक प्रकार से चल नहीं सकता। उसे डॉक्टर के पास भी ले जाने में दिक्कत होती है। इस प्रकार की परिस्थिति में आप घर पर ही मोच का इलाज कर सकते हैं।

इसके लिए आपको बरगद के पेड़ का दूध मोच वाली जगह पर लगाना होगा। ऐसा करने से 1 से 2 दिन में ही पीड़ित व्यक्ति को लाभ देखने को मिलेगा।

10. बहुमूत्र में बरगद के लाभ

बहुमूत्र यानी बार-बार या अधिक मात्रा में पेशाब का आना। यदि किसी व्यक्ति को बार-बार पेशाब आने की दिक्कत होती है तो इसके उपचार के लिए उस व्यक्ति को बरगद की जड़ की छाल का काढ़ा पीना चाहिए। यह काढ़ा पीने से उस व्यक्ति की बहुमूत्र की समस्या में राहत मिलेगी और यदि आपके 5 से 6 साल के बच्चे रात को सोते समय बिस्तर में पेशाब कर देते हैं तो आप अपने बच्चों को भी यह काढ़ा पीने के लिए दे सकते हैं। इसका डे को पीने से बच्चों की बिस्तर में पेशाब करने की आदत जल्द ही छूट जाएगी।

11. गठिया रोग में फायदेमंद

गठिया रोग एक गंभीर रोग है। इसमें पीड़ित व्यक्ति के शरीर के जोड़ों में दर्द होने लगता है और धीरे-धीरे यह दर्द इतना बढ़ जाता है कि वह व्यक्ति एक जगह से हिल भी नहीं पाता और दूसरों पर निर्भर हो जाता है। बहुत से उपचार कराने पर भी गठिया की बीमारी से निजात नहीं मिल पाते।

यदि आपके आसपास कोई भी व्यक्ति गठिया से पीड़ित है और उसे बहुत से उपचार कराने पर भी कोई फायदा नहीं हुआ तो आप उसे बरगद के वृक्ष के दूध का पूरे शरीर पर लेप करने की सलाह दे सकते हैं। ऐसा करने से गठिया रोग से पीड़ित व्यक्ति को जल्द ही राहत मिल सकती है।

12. पेशाब की जलन में बरगद के बेनिफिट्स

आमतौर पर देखा गया है जब किसी व्यक्ति की मूत्र नलिका में इंफेक्शन हो जाता है तो अचानक से पेशाब में जलन होने लगती है। पेशाब की जलन से व्यक्ति को मूत्र त्याग करने में काफी दिक्कत आती है। उसके उपचार के लिए डॉक्टर तरह-तरह की दवाइयां देते हैं। जिनसे आराम तो मिलता है लेकिन वो दवाइयां गर्म होती हैं, जिस कारण पेट में गर्मी होती है और पेशाब भी पिला आने लगता है।

इसलिए आप अन्य दवाइयों के इस्तेमाल ना करके पेशाब की जलन के इलाज के लिए बरगद के पेड़ की दो कोमल कोंपलों का रस थोड़े से दूध में मिलाकर जलन वाली जगह लगाने से, इस प्रकार की दिक्कत जल्द ही खत्म हो जाती है।

13. दांतो के लिए फायदेमंद

जब कभी भी कोई भी व्यक्ति कुछ खाता है तो पदार्थ दातों में फंस जाता है और धीरे-धीरे सड़न पैदा हो जाती है। दांतों में सड़न पैदा होने के बाद धीरे-धीरे टूटना शुरू हो जाते हैं और कभी-कभी तो दातों में कुछ खाने पीने से दर्द होने लगता है।

ऐसे में आप अच्छी तरह से मैं तो खाना खा सकते हैं और ना ही कुछ पी सकते हैं। इस तरह की समस्या के समाधान के लिए आप सड़े हुए दांत में बरगद के वृक्ष के दूध का खोया रखें। ऐसा करने से दातों के बैक्टीरिया जल्द ही खत्म हो जाएंगे।

14. कान के कीड़ों को मारने में फायदेमंद

कान हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। कानों की मदद से हम दूसरों की बातों को सुन सकते हैं। यदि कान में छोटी सी भी दिक्कत होती है तो पीड़ित व्यक्ति को काफी परेशानी हो जाती है। कान के साथ ज्यादा छेड़छाड़ नहीं की जा सकती क्योंकि कान का पर्दा एक बहुत पतली सी झिल्ली होती है यदि वह टूट जाए तो व्यक्ति बहरा हो सकता है। इसी कारण से कान का विशेष ध्यान रखना होता है।

ऐसे में जब कभी कान में फुंसियां हो जाती हैं तो यह फुंसियां काफी परेशान करती हैं और इनमें काफी दर्द होता है। कभी-कभी तो इनमें कीड़े भी हो जाते हैं। इसके इलाज के लिए आप बड़ के दूध की दो से चार बूंदे कान में डालें। ऐसा करने से कीड़े भी मर जाएंगे और फुंसी भी ठीक हो जाएगी।

15. आंतों की सूजन में बरगद के पेड़ के फायदे

हमारे शरीर में दो प्रकार की आंत होती हैं, एक छोटी आंत और बड़ी आंत। एक भोजन को पचाने का कार्य करती है और दूसरी मल त्याग करने में मदद करती है। यदि दोनों आंतो मैं से किसी एक में भी कोई दिक्कत आ जाए तो शरीर का सारा सिस्टम खराब हो जाता है।

जब आंत में सूजन होती है तो सारा पेट दुखने लगता है। और खाने को पचाने में भी काफी दिक्कत आती है। इस समस्या के समाधान के लिए आप बरगद के पेड़ के पत्तों को गर्म करके एक पट्टी की मदद से पेट पर बांध सकते हैं जिससे धीरे-धीरे आंतों की सूजन दूर हो जाएगी।

👉 यह भी पढ़े > स्त्रियों के लिए अम्रत है स्त्री सुहाग सिरप

16. मसूड़ों के रोग में लाभकारी

अक्सर आपने देखा होगा कभी-कभी मसूड़ों में अचानक से सूजन आ जाती है और इन्हें छूने से ही दर्द का अनुभव होता है। और खाने को चबाने में भी काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। और धीरे-धीरे या समस्या बढ़ती जाती है। ऐसा अधिकतर नए दांत निकलने या फिर दांत के खराब हो जाने के कारण होता है। ऐसी समस्या में आप बड़ की छाल का क्वाथ बनाकर उससे कुल्ला करते हैं तो दांत और मसूड़ों के रोग मिट जाते हैं।

17. डाढ़ का दर्द में बड़ का पेड़ के लाभ

यदि शरीर के किसी भी अंग में दर्द होता है तो पीड़ा का अनुभव तो होता ही है। कभी-कभी तो दर्द इतना अधिक होता है कि पीड़ित व्यक्ति काफी असहनीय हो जाता है। ऐसे ही जब कभी डाढ़ में दर्द होता है तो बहुत पीड़ा होती है।

पीड़ित व्यक्ति एक पल के लिए भी आराम से नहीं बैठ पाता और काफी बेचैन हो जाता है। न तो कुछ खाया जाता है और न ही नींद आती है। किसी तरह से आराम भी नहीं कर पाता। इस समस्या के उपचार के लिए यदि पीड़ित व्यक्ति बड़ के दूध का खोया अपनी डाढ़ में रख ले तो दर्द मिट जाता है।

18. कफ के साथ खून आने में फायदेमंद

जब किसी व्यक्ति को सर्दी खांसी होती है तो उसे बार-बार कफ आता है। और कभी-कभी तो यह समस्या इतनी अधिक बढ़ जाती है कि कफ के साथ खून भी आने लगता है। जब ऐसी स्थिति होती है तो यह गंभीर बीमारी का रूप भी ले सकती है। इस समस्या में सबसे पहले अपने डॉक्टर का परामर्श ले।

यदि उसमें आपके पास किसी भी प्रकार की चिकित्सा उपलब्ध ना हो तो बड़ के वृक्ष की छोटी-छोटी शाखाओं का शीत निर्यास खाने से कफ के साथ खून आने की समस्या में काफी उपयोगी होता है।

19. कमर के दर्द में लाभदायक

पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में कमर दर्द अधिक देखने को मिलता है। जैसा कि हमने पहले बताया ऐसा महिलाओं में होने वाले वाइट डिस्चार्ज के कारण होता है। जितनी अधिक मात्रा में वाइट डिस्चार्ज होता है उतना ही अधिक कमर का दर्द बढ़ जाता है।

क्योंकि वाइट डिस्चार्ज के कारण शरीर की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और धीरे-धीरे यह दर्द इतना बढ़ जाता है कि महिला को कमर झुकाने में भी दिक्कत आने लगती है। यदि इसका समय पर उपचार न किया जाए तो यह समस्या एक गंभीर रूप ले सकती है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को बरगद के वृक्ष के दूध का लेप कमर पर करना चाहिए। ऐसा करने से कमर का दर्द जल्दी ठीक हो जाएगा।

20. हाथ पैरों में होने वाली खारियो में फायदेमंद

खारिये अधिकतर बरसात के मौसम में होती हैं क्योंकि बरसात के मौसम में अधिक वर्षा होती है और जगह-जगह गीला रहता है। इन दिनों में जब किसान खेत में काम करते हैं तो उनके हाथ और पैर पानी में भीगे रहते हैं जिस कारण उन्हें खारिये जैसी समस्या हो जाती है।खारिये को खत्म करने के लिए बड़ के दूध को हाथ पर लगा सकते हैं। ऐसा करने से यह समस्या खत्म हो जाती है।

21. स्त्रियों के स्तनों को सुडोल या टाइट बनाने में लाभकारी

जब एक औरत बच्चे को जन्म देती है तो स्तनपान कराने से उनके स्तनों का आकार ढीला हो जाता है। उनमें वह आकर्षण नहीं रहता जो महिला को आकर्षित बनाता है। ऐसी स्थिति में कभी-कभी महिलाएं डिप्रेशन का शिकार भी हो जाती है। क्योंकि प्रजनन के बाद वह पहले जैसी आकर्षक नहीं दिखाई देती। उन्हें लगता है, वह पहले जैसी सुंदर नहीं दिखाई देती।

वह अपने स्तनों को पहले जैसा आकर्षक बनाने के लिए तरह-तरह के प्रोडक्ट का इस्तेमाल भी करती है लेकिन कोई फायदा नहीं मिलता। इसीलिए इस समस्या से पीड़ित औरतों के लिए आज हम एक देसी उपचार बताते हैं। इसके लिए पीड़ित महिला को बड़ के वृक्ष की जड़ के बारीक पीले और लाल भाग को पीसकर अपने स्तनों पर कुछ दिन तक लगातार लगाना होगा। ऐसा करने से स्तन जल्द ही कठोर हो जाएंगे।

👉 यह भी पढ़े > इम्युनिटी है कमजोर तो खाएं इम्युनिटीग्रिट गोल्ड

22. फोड़े के लिए बरगद के पेड़ के फायदे

बरसात के मौसम में अधिकतर देखा गया है कि किसी भी जहरीले मच्छर के काटने या फिर शरीर में होने वाली गर्मी के कारण अचानक से फोड़े फुंसी निकल आते हैं। यह फोड़े फुंसियां जैसे-जैसे बड़े आकार के होते हैं तो इनमें अकड़ापन होने लगता है क्योंकि इन्हें पकने में टाइम लगता है और पकने के बाद ही यह ठीक होते हैं।

ऐसे में इन्हें जल्दी पकाने के लिए इस समस्या से ग्रस्त व्यक्ति फोड़े वाली जगह पर इसके पत्तों को बांध ले जिससे यह धीरे-धीरे पीले पड़ जाएंगे। और जब यह पीले पड़ जाए तो पत्तों को चावलों के साथ पीसकर इस स्थान पर बांधना चाहिए। ऐसा करने से इस समस्या से जल्दी आराम मिलेगा।

23. मूत्र कच्छ में फायदेमंद

मूत्र कच्छ की समस्या एक गंभीर समस्या होती है। इस समस्या के उपचार के लिए बहुत सी दवाइयों उपलब्ध हो जाती हैं लेकिन दवाइयां सेहत के लिए अच्छी नहीं होती इसी वजह से इस समस्या का देसी उपचार करना ज्यादा बेहतर होता है।

इसके उपचार के लिए आप बड़ के दूध की 4 से 5 बूंदे बतासे के साथ 3 दिन लगातार खाएं और इसके अलावा इस वृक्ष की कोमल कोंपलों को छाया में सुखाकर उनका चूर्ण बना ले। और समान मात्रा में इसमें मिश्री मिला लें व इसका सेवन दूध से बने लस्सी के साथ करें। इससे मूत्र कच्छ की समस्या जल्द ही दूर हो जाएगी।

बरगद के पेड़ के उपयोग (Banyan Tree Uses in Hindi)

बरगद का पेड़ बहुत सारे गुणों से भरा है तथा हम सभी जानते हैं कि है कितनी अधिक मात्रा में हमारे जीवन के लिए जरूरी ऑक्सीजन देता है आइए जानते हैं बरगद के पेड़ के उपयोग के बारे में –

  • बड़ के पेड़ के दूध का उपयोग आंखों की सूजन को दूर करने के लिए किया जा सकता है।
  • खुजली को दूर करने में बड़ के पेड़ की पत्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • बालों को बढ़ाने व उगाने में बरगद के पेड़ की पत्तियों का उपयोग फायदेमंद माना जाता है।
  • बड़ के पेड़ के दूध का उपयोग मस्सों को हटाने के लिए किया जा सकता है इसके दूध को मस्से पर दिन में दो से तीन बार लगाना चाहिए।
  • उल्टी रोकने में बड़ के पेड़ की जड़ का उपयोग किया जा सकता है।
  • बरगद के फूलों व पत्तियों का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे की सुंदरता में निखार आता है।
  • बड़ की जड़ के अर्क के उपयोग से मधुमेह रोग को कम किया जा सकता है।
  • कोलेस्ट्रोल कम करने में बड़ के पेड़ का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • बड़ के पेड़ के दूध और पत्तियों में मौजूद anti-inflammatory गुणों के कारण यह गठिया में भी उपयोगी होता है।

बरगद के पेड़ के नुकसान (Banyan Tree Side Effects in Hindi)

हमारे द्वारा इकट्ठा की गई जानकारी में हमें बरगद के पेड़ के साइड इफेक्ट्स या नुकसान के बारे में कोई भी जानकारी नहीं मिली है फिर भी हमारे द्वारा आपको यही परामर्श दिया जाता है इसका उपयोग कम मात्रा में ही करें।

यदि आप किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है या आप कुछ दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो किसी अनुभवी चिकित्सक से परामर्श लेने के बाद ही बड़ के पेड़ का किसी रूप में इस्तेमाल करें।

अगर बरगद के पेड़ का किसी भी रूप में उपयोग करने पर आपको कुछ दुष्प्रभाव नजर आते हैं तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद करते हैं तथा डॉक्टर से इस बारे में सलाह लेना ना भूलें।

👉 यह भी पढ़े > हर दर्द पीड़ान्तक वटी से करे दूर

बरगद का पेड़ घर में लगाना चाहिए या नहीं?

इस बात में कोई शक नहीं कि बरगद का पेड़ सैकड़ो गुणों से भरपूर है। इसे हिन्दू धर्म में बहुत ही शुभ माना जाता है। लेकिन शास्त्रों के अनुसार बरगद का पेड़ कभी भी घर में लगाना नहीं चाहिए। आप अपने घर के आस-पास कही भी बरगद का पेड़ लगा सकते है। लेकिन ध्यान रहे घर की पूर्व दिशा में बड़ का पेड़ लगाने से बचना चाहिए, ऐसा करन अशुभ माना जाता है।

बरगद के पेड़ की क्या विशेषता होती है?

बरगद के पेड़ को त्रिमूर्ति का स्वरूप माना जाता है। इसको लेकर मान्यता है कि इस पेड़ की जड़ में ब्रह्मा , इसकी छाल में विष्णु और इस पेड़ की शाखाओं में भगवान शिव का वास होता है। भारत में बहुत बड़ी तादाद में लोग बड़ के पेड़ की पूजा करते है। हमारे देश के कई हिस्सों में बरगद के पेड़ पर सोमवार को जल चढाने की परंपरा है।

बरगद के पेड़ को किसका प्रतीक माना जाता है?

बरगद के पेड़ को अमृत का प्रतीक माना जाता है।

सबसे पुराना बरगद का पेड़ कोलकाता के पास जगदीश चंद्र बॉस बॉटनिकल गार्डन में देखने को मिल सकता है। यह दुनिया का आकार में सबसे बड़ा पेड़ है।

FAQ (प्रश्न-उत्तर)

प्रश्न – बरगद के पेड़ कहां उगते हैं?

उत्तर – बरगद के पेड़ भारत और पाकिस्तान में बहुत बड़ी संख्या में उगते है। इनको यहां का राष्ट्रीय वृक्ष भी माना जाता है।

प्रश्न – बरगद के पेड़ से कौन सी गैस निकलती है?

उत्तर – बरगद का वृक्ष अधिक मात्रा में ऑक्सीजन को निष्कासित करता है?

प्रश्न – बरगद के पेड़ की उम्र कितनी होती है?

उत्तर – माना जाता है कि बड़ के 250 से 500 साल तक जीवित रह सकते हैं।
बड़ का पेड़ बहुत ही छायादार और शाखाओं से घिरा होता है। इसकी खास विशेषता यह भी है कि यह पेड़ बिना पानी के भी वर्षों तक जीवित रह सकता है।

प्रश्न – बरगद के पेड़ पवित्र क्यों होते हैं?

उत्तर – हमारे हिंदू धर्म में बरगद के पेड़ को लेकर बहुत सी मान्यताएं हैं। जिनमें से एक मान्यता के अनुसार इस पेड़ को स्वर्ग का पेड़ माना जाता है क्योंकि कहा जाता है कि इस पेड़ पर अच्छी आत्माओं का आना जाना होता।

प्रश्न – बरगद के पेड़ को काटने से क्या होता है?

उत्तर – हिंदू धर्म में बरगद के पेड़ को काटना अशुभ माना जाता है। जो व्यक्ति इस पेड़ को काटता है उसे प्रायश्चित करना होता है और किसी जानवर की बलि देनी पड़ती है।

समीक्षा सारांश

आज इस पोस्ट में हमने बड़ का पेड़ या बरगद के पेड़ के फायदे (Bargad Ke Ped Ke Fayde aur Nuksan) के बारे में जाना। इसके साथ ही हमने बरगद के पेड़ के नुकसान, बरगद के पेड़ के उपयोग (Banyan Tree Uses in Hindi ), आदि के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

हम पूरी आशा करते हैं कि आपको बरगद के पेड़ (Bad Ka Ped) के बारे में लिखा यह लेख बहुत पसंद आया होगा। यदि आप बड़ के पेड़ से संबंधित कोई भी प्रश्न पूछना चाहते हैं तो बेझिझक कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

Disclaimer: यहाँ लेख में बताये गए तरीके, तथा विधि की हेल्थीह्यूमन पुष्ठी नहीं करता है। ऊपर बताये गए तरीके केवल पाठको के ज्ञानवर्धन के लिए है. इन्हें उपयोग में लाने से पहले चिकित्सक का परामर्श अवश्य ले.

ये भी पढ़े 👇

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.